छोटा सा शहर है.
छोटी छोटी गलियां बड़ी सड़कों में आ मिलती हैं,
और बथेरों ज़िन्दगियाँ इन्हीं सड़कों से होती हुई
गलियों में कहीं खो जाती हैं.
सबकी अलग दुनिया है.
और सबकी अपनी अपनी दुनिया,
यहीं इस छोटे से शहर में
एक दूसरे से टकराती हुई
अपने सफर में बढ़ती रहती हैं.
छोटा सा शहर है.
सभी आस-पास ही रहते हैं.
रोज़ एक सड़क से ही गुज़रते हैं.
मिलने के वादे-इरादे भी अक्सर हुआ करते हैं.
लेकिन वो कल कभी नहीं आता.
मिल कभी कोई नहीं पाता.
इस छोटे से शहर में,
खुद से मिलना ही दुश्वार है.
और अगर इत्तेफ़ाक़ से कहीं कोई टकरा भी जाए,
तो मिलना मुमकिन नहीं होता.
छोटा सा शहर है.
इस शहर में सैंकड़ों कहानियां.
कहानियों के अनगिनत पात्र
और इन सभी पात्रों की अपनी अलग दुनिया.
कुछ मिली-जुली, कुछ कोसों दूर की दुनिया.
और इनकी टक्करों से बनती नयी कहानियां.
सभी कितने करीब हैं.
हरेक के तर कहीं न कहीं सबसे जुड़े हैं.
फिर भी, कोई किसी के पास नहीं है.
कहीं भी अपनेपन का ऐतबार नहीं है.
छोटा सा शहर है!!
छोटी छोटी गलियां बड़ी सड़कों में आ मिलती हैं,
और बथेरों ज़िन्दगियाँ इन्हीं सड़कों से होती हुई
गलियों में कहीं खो जाती हैं.
सबकी अलग दुनिया है.
और सबकी अपनी अपनी दुनिया,
यहीं इस छोटे से शहर में
एक दूसरे से टकराती हुई
अपने सफर में बढ़ती रहती हैं.
छोटा सा शहर है.
सभी आस-पास ही रहते हैं.
रोज़ एक सड़क से ही गुज़रते हैं.
मिलने के वादे-इरादे भी अक्सर हुआ करते हैं.
लेकिन वो कल कभी नहीं आता.
मिल कभी कोई नहीं पाता.
इस छोटे से शहर में,
खुद से मिलना ही दुश्वार है.
और अगर इत्तेफ़ाक़ से कहीं कोई टकरा भी जाए,
तो मिलना मुमकिन नहीं होता.
छोटा सा शहर है.
इस शहर में सैंकड़ों कहानियां.
कहानियों के अनगिनत पात्र
और इन सभी पात्रों की अपनी अलग दुनिया.
कुछ मिली-जुली, कुछ कोसों दूर की दुनिया.
और इनकी टक्करों से बनती नयी कहानियां.
सभी कितने करीब हैं.
हरेक के तर कहीं न कहीं सबसे जुड़े हैं.
फिर भी, कोई किसी के पास नहीं है.
कहीं भी अपनेपन का ऐतबार नहीं है.
छोटा सा शहर है!!
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